खामोश चाँद

दिल एक काली रात है

चंदा उठता-गिरता साँस की नाव ।

आज ये नाव क्यों रुक गया ?

पूछा तो तारे रो पड़े

धागे से मोती टूट पड़े ।

बोले -इस पर सवार पथिक विलीन हो गया ...

इसलिए अब ये नाव

अपने जगह से हिलता नहीं...

दिल एक काली रात है

चाँद खामोश पड़ी एक नाव है ...

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