Thursday, August 30, 2012

बड़े अरसे बाद ये आंसू गिरे
 

Wednesday, August 29, 2012

Rudro Bhandary

I made this for Rudro Bhandary's film poster.

Monday, August 27, 2012

जिन्दा हूँ

एक जिन्दा पिरामिड है शरीर
यांदे  भी जिन्दा है
साँस भी जिन्दा है
चाहत एक परिंदा है...

उडती है क्षितिज के फलक तक
अम्बर के असीम झोली में गान है
किरणों सा पंख है मेरा
सूर्य सा जलता ये  मन  है ...

गुजरने वाली हवा
ये मत समझना
एक ताबूत बना के चल दोगे
हम अपनी कहानी अम्बर में लिखते हैं.



Sunday, August 26, 2012

शब्द

शब्द धागे से टूट गए
आज ये स्वतंत्र हो गए
एक नए शब्द की रचना करने ...

 रंग, इन्द्र धनुष के बिखर गए
ये हर दिशा में घुल गए
एक नयी रंग की रचना करने ...

वक्त आज परिधि से बाहर
निकल पड़ा
एक नयी परिधि की रचना करने ...

बूंद आज छुट गया
आकाश के कर से
धरती की उदर में खोकर
एक नयी रूप की रचना करने।

Saturday, August 11, 2012

Light Animation

This small light animation is done by me, mayur and his brother...
this is just to explore the light which kadu had bought in Mumbai, during TASI 2010. Mayur was doing the action, I was drawing his poses and his brother clicked images...

Thursday, August 2, 2012

कुछपल

कुछ रहस्यमय सी दिन है ,
कुछ याद तुम्हारी आ रही,
कहीं मेघ तो नहीं जमे  पर
पर मेघों का घर में हूँ ऐसे लग रहा ।

खेत में कुछ सिर्गुजिया के फुल खिले है।
कुछ रंगबिरंगे तितलियाँ उड़ रहीं हैं .
दूर किसी कपोत की कू कू की आवाज
इस तनहा मन में एक रस घोल रहीं हैं .

कुछपल तुम्हारे पास बैठूं
कुछ अच्छी अच्छी बातें करूँ
जैसे दीवाल में गढ़े  गए दो प्रेमयुगल  की तरह
मैं हमेशा शिल बद्ध तो नहीं हो सकता
पर एक निर्झर सा बहते रहना पसंद करता हूँ  ...