सुर

बहुत दिन पहले
एक संगीत
मैंने खो दिया था
हड्डपा और मोहनजोदड़ो  के सभ्यता में...

आज उसे मैंने फिर से पाया है
किन्तु उस संगीत का सुर
मैं भूल गया हूँ।
इस संगीत का सुर न खोज कर
आर्य और अनार्य के बीच लड़ाई शुरू हो गई -

ये मेरा है !
ये मेरा है !
ये मेरा है !

-साहेबराम टुडू 

Comments

Popular posts from this blog

जुग दो बोदोल एन।

Gur Pitha