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जुग दो बोदोल एन।

जुग दो, जुग दो बोदोल एन, दिसोम- दिसोम दो फेराव एन। तोकोय मेन सारी रासी नातों कान, तोकोय मेन सारी सान्ताड़ नातों कान। रासी नातों कुल्ही दोया दादा , बानार पानते दोलान तेंगो एन। तोकोय मेन सारी रासी आतो कान, हासा भित लिखन बुसुप दालोप दो चाबा एन। उसूल चुड़ा सेरमा सोमान मांझी थान, बाय-बाय ते राकाब एन दोया दादा। तोकोय मेनाय सारी सान्ताड़ आतो कान, मर्सिडीज, क्रेटा आर  लेम्बोर्गिनी तेंगो एन। धुती पांची लातार फुल पेंन्ट को होरोग एत्। मासे जुता होरोक् दोंङ को एनेच् कान। तोकोय मेन सारी सान्ताड़ कोड़ा-कुड़ी कान, जिन्स होरोग मासे बाहा -सोहराय को एनेच् कान।  िञन्दा हों हेंदे गोगल्स सिंग हों गोगल्स, फैशन बोहोक् चेतान रे चापाड़ एन। तोकोय को मेन सारी सान्ताड़ होपोन, धुती दाहड़ी सारी मालोट नापोड़ एन। 33 कोटी देबी- देबता आर जीशुय बेठार एन, मासे-मासे ल़ाय आङ  पे सान्ताड़ दो‌को‌ ओका एन? जाहेर खोंड़ रे बोंगान को पिलचू हाड़ाम होपोन ! ओका खोंड़ रे को दानांग् चाबा एन? बापला- बिहा़ तुम्दाक्- टामाक चाबा एन, रूसिका- नाचोनी को सारी को आद् एन? मोने- जीवी आकिल-बिच...

Sculptor Sri Binod Singh (मूर्तिशिल्पी आचार्य श्री बिनोद सिंह)

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मूर्तिशिल्पी आचार्य  श्री बिनोद कुमार  सिंह (Sculptor Sri Binod Kumar Singh) शिक्षक के रूप में एक अंतिम गुरु होंगे, जो गुरुकुल की पुरानी परंपरा को जीवंतता दिए हैं।  जिन्होंने न सिर्फ अपनी कर्मों से बल्कि वाणी से भी हमें सिखलायें हैं कि मूर्ति शिल्प बनाने के पहले और साथ-साथ खुद के चरित्र और व्यव्हार को भी तराशना अति आवश्यक होता है।  मूर्ति निर्माण और चरित्र निर्माण दोधारी तलवार जैसी होती है।  यही आपके व्यक्तित्व और भविष्य को संवारती है।  ज्ञान तभी किसी व्यक्ति विशेष में ठहर सकती है जब उसमे शील हों। जिसमे शील नहीं, वह व्यक्ति विद्वान भी नहीं।  और उन्होंने हमेशा से यह भी कहे हैं की अपनी पात्रता बढ़ाओ।  एक उत्तम गुरु के रूप में मैं समझता हूँ कि शिक्षण ही सिर्फ शेष लक्ष्य नहीं हैं, आप अपने वातावरण को भी कैसे शुद्धि रखते हैं यह भी बहुत जरुरी है।  कृति या मूर्तिशिल्प अपने आप जन्म ले लेगी अगर आप एक बार खुद को जन्म दे दिए या परिमार्जित कर लिए। ये मेरे शब्द नहीं हैं, ये कहीं न कहीं गुरूजी के अलौकिक  ज्ञानविंब में ...

बार ठप दाक्

बार ठप दाक्  रेयाक़ मर्म दो   नोवा धरती छाड़ा द ओकोय बाडाय !  ओका दो दारे-नाड़ी खोन लिंज अाड़गोंन, ओना लुत्ती रासा दो ओकोय बाडाय !   ओका दो  साकाम -साकाम दूल अाड़गोन , ओना दाख रासा दो ओकोय बाडाय !  ओका दो बूसुप ओड़ाक् खोन जोरो अाड़गोन , ओना सोना-जारी रासा दो ओकोय बड़ाय ! ओका दो उप डोग खोन जोरो अाड़गोन  ओना हिरा-मणि रासा दो ओकोय बड़ाय ! ओका दो सीताक्  शिशिर धुबी घांस रे, ओना जीयोन  रासा दो ओकोय बड़ाय ! ओका दो साढ़ मेनाक् उपाल बाहा रे , ओना लूती रासा दो ओकोय बड़ाय ! ओना बार ठप सेरमा दाक्  ञांम लागित गे, तिहिंग ती इञांक्  इंग लाहाय!  बाड़ाय गेयां तिनाक् दामानाङ् ओना हज़ार ठप दाक्  , तिहिंग ओना गेन पांजा बाड़ाय!  ओना दो दाक्  एकाय दो बांग कान , ओना गे जियोन दाड़े जीवीय रोफाय ! ओना बार ठप दाक् अास रे रोहोड़ गाडा हों , ओना चोट सेरमा सेने कोयोक् दोहराय ! मित टेन रोहोड़ पुखुरी हों ...

Gur Pitha

Gur pitha Gur pitha cini pitha, Narak'-narak' sunum pitha. Haire pitha! gur pitha, Gota bochor ing disa kam do. Hopon ayo dul pitha, Sim sandi baha leka. Ing ayo dul pitha  paila-pukhuri lekam phulaw kot'a re. Mami Burhi dul pitha, Kortal ma jhanjh leka. Haire pitha! Tala regem phulao kot'a re. Marang ayo dul pitha, Motor gadi chak leka. Nase-nase dhare-dhare tem phulao kota re. Jom rehom ketej-ketej, Togoj rehom  retej-retej. Haire pitha! Gur pitha, Am so pitha taral basalem hui akan do. Gorom burhie tahe kana, Dalic' perec' gur pitha. Haire pitha! gur pitha, Bochor -bochor ing disa mea re. Sebelok' rehon jom mea, Sabagok' rehon jom me. Haire pitha ! Sunum pitha, Gota bochor ing uihar kam do. Fulak' rehon jom mea, Chopodok' rehon jom me. Haire pitha! amdo pitha, Oho pitha~ deya kema re. Akhan ma jatra kan, Tite latak' bonga pitha. Haire pirha! towa pitha, Am d...

आतंाग इंग चोम बांग चो,

आतंाग इंग चोम बांग चो, सेरमा लातार धुड़ी धारती रे? गोंग इंग चोम बांग चो, ओंतोर ताला बाहा बागान रे? बेठार इंग चोम बांग चो, सोना मची रूपा गांडो रे? झीक़ आङ चो बांग चो, ओंतोर कपाट धीरी दोलान दो ? अविल आङ चोम बांग चो, नुतात डाहार रे दिया माली दो ? अाराव आङ चोम बांग चो, गुतू-गालांग बाहा माली दो ? नोवा अाड़ंाग दो आम खोन गे , आम खोन गैं हाताव आकात। आम गें चाल आम कान , आम गें रूअड़ आम कान सोबदिन लागित ते।  आर मीत धाव, आर मीत धाव सिसिर ते लोहोक धारती रे , पांजा इंग चोम बांग चो ? गांग नाइ - सुड़ा नाइ नाड़े रे ? सांगिङ इनां मेनखान, दानांग  इनां मेनखान, नुमिन मारांग नागरहा रे , खोज तोलासिंग चो बांग चो ? इंग दो आमरेन ,आम रेन गें तहिना , रुवड़ हिजुक आङ जायजुग लागित गे। जोड़ा समुद दाक़ लेका दुल मिदूक आलांग , गांग नाइ-सुड़ा नाइ लेका गे। आतंाग इंग चोम बांग चो, सेरमा लातार धुड़ी धारती रे? गोंग इंग चोम बांग चो, ओंतोर ताला बाहा बागान रे?   
आदिवासी संताल समाज रे चितर बेनाव रैयाक नागाम: चाय-चाम्पा गाड़ दो लिलिबीची , बादौली-कोइन्डा लिखोन गोरहोन। दायागे  चाय-चाम्पा बाडोली-कोइन्दा , दायागे गाढ़ बो बगियात कान । । नोवा सेरेंग दो एकेन आबोआक ओड़ाक-दुआर खोन बो लागात ओचोक कान नागाम काथा दो बाई लाई एदा मेंखान ओना साव ए लाइ ओचो एदा आबो दो सारी गे ऑल लिखन रे दो तीनक सोरोस आर गाखुड़ (creative )बो ताहे काना। आर नित हों नुनाक ओभाब आर कोचलोन साहाव कातेक मेनाक बोना। आबोआक मायाम रे ओना creativity नित हों सारसावक कान गेया. आबोआक़ नागाम रे से नोवा पृथमी रे  मानमी कोवाक लिखोन/चितर नागाम दो नोवा सेरेंग ताला तेगे बडाई यामोंक काना. मेनखान भारत दिशोम रे चित्र आकाव से चितर ओल बेल रेयाक़ पोंथा दो दाण्डेर रे ताहेन अोक्तो  खोन गे येंल यामोक काना। ओका दो ३०००० बी. सी.-२५००० बी. सी. आसे-पासे भीमबेटका रे से हजारीबाग रे मेनाक़ दांदेर ताला तेगे बड़ाय यामोक काना। आदिवासी को नित हों बिश्वास मेनाक ताबोना जे हड़प्पा आर मोहनजोदाड़ो रे आबो आक अरिचली ताहें काना ३३०० -१३०० बी. सी. इ. लाहा। आबोआक लाय लाक्चार आर सापाप क...
जिओन् चरित रेयाक् मित् झालाक : इनाक् जानाम दो पुरुलिआ रेआक् भूर्कुन्डाबाड़ी रे हुइ अकाना.  ओना आतो रे इन्याक् ताहेनोक्   आर काटिच्  रे खिल्डु एनेच् आतेक्  हारा बुरुक् दो इन्याक्  जिओन् रेआक् अल-आकाव होर रे आडी माराङ्ग् गोड़ो एम अाकादा. आले बारगे दुआर रेगे अन्जिर दारे, सिन्जा दारे ,अम्बरा दारे आर सिमा रे जानुम दारे हो मेनाक् आकादा. नेतार दो बापु रोहोइ आकात् काश्मार आर कुद दारे हो हुइ आकाना. मात् दारे दो आडी जासति काइ ते ताहे काना.   गिद्रा कोवाक् होड्मो आर हाताङ्ग् हाराक् बुरुक् रे एकेन गोगो -बाबा ,दाकाइ एरा से बापु हाड़ाम ताकोअक् गोढो सांव - सांव नोवा प्रकृति रेआक् आडी मारान्ग गोडो सोपोहोद् ताहेन ताहे. उनुकुआक् दारे उमुल दो सिसिरजविच्  आक् दुलाड़ उमुल गे धारति एन्गात आक् सोरेस दुलाड़ गे . आदो इन्याक्  कटिच्  बेला दो तोवा-ताबेन , घोर-दाहे से चा-खोटखोटी (रोहोड् ब्रेड ) को जोम बाड़ा कातेक् ओना सिन्जा बुटा रे सेन कातेक् सिन्जा ठोयात्  रे दाका उतु खिलोद आर गिद्रा को  सांव सागाड़ गाड़ी रेयाक्...

इन्याक् जापिद् आकाद जिवी

इन्याक् जापिद्  आकाद जिवी, इन्याक् गोच् आकान ओन्तोर. इङ्गे कुलि इदिन्ग् तिहिङ्ग् , इङ्ग् ए चेङ्घाव इदिन्ग् ओर -ओर । आम् गे तोम एमादिन्ग ताहे सान्हेत् , आम गे तोम चाल आदिन्ग ताहेन दुलाड़ डाली । तिहिङ्ग् आम ठेन खोज कान जिओन, तिहिङ्ग् आम ठेन खोज कान जिओन् नाड़ी। इङ्ग्- इङ्ग् आतेन एत् कान ताम् आमाक् राक् , इङ्ग् इङ्ग् आन्जोम एत् कान ताम् आमाक् गेराङ्. अमिन्ग दुलाड़ मे ताहे नोवा काथा लअय साना इदिन्ग नोवा धुड़ी- धारति खोन बिदाक् माराङ्. आमाक् इन्याक् दुलाड़ दे लाङ तोल जोड़ ाव, सोनेरो सिकरी आर रूपेरो सिकरी तेलान्ग झान कात्. सिङ्ग् चान्दो आर  ि ञन्दा चान्दो रान्त् लेका, नोवा सेरमा पुरी रे जायजुग लगित् झाक-झाकात्. बिंदी गानाक् दाक् लेका दुलाड़ ताहे गाक् -गाबान चारियो - खोण्ड् पृथिमि रे दुलाड़ ताहेन ले-लेगेच् . आर चेक् चोञ नेहोर मे बादति, बानुक् तिहिङ्ग् जाहानाक् आम ठेन खोन सारेच्. दे देला तिहिंग ओंतोर अंाजोम तिंग में। दे देला जीवी आते न तिंग में। होय लेका किछु ए मेनेक् मेनेक् , साकाम लेका किछु ए इशारा एत् मे . By Saheb Ram...

तिनाक काथा ताहे एना बाकी,

तिनाक  काथा ताहे एना बाकी, तिनाक फागुन ताहे ऐना बांग येंल।  तिनाक कुनामी पारोमेना , नोआ मेत रे तेरडेज बांग येंल। नोवा ते आमेम मेन केआ, इंग दो आम ओहोइ दुलाड़ में। नोवा ते आमेम मेन केआ, इंग दो आम ओहोइ उयहार में। बुरु लेका नित हों तेंगो गे मीणां , गीतिल लेका आवरिंग इंग गेजेरोत।  जुदि बारीच एम् कोयाक होर एत, रास्का तें दारामा ओकाम कोयेत।  आर साहेन्द तीनाक इयांक मैनाक , लेखा-लेखा तें जिमा आमा।  आर नोवा ओंतोर रे अामाक उयहार , बाई -बाई तें चाल आमा। डार पेरेच नुडूक़ बाहा, आर दो आलम आगुआं।  सानाम जिनिस इंग आतु कादा, नोवा फागुन ओका को मेताक नालोम साजावां।         by-Saheb Ram Tudu, 29/05/2018

पलास्टिक

एक शैतान जो भगवान बना बैठा है, हजारों शक़्लों में उनकी मुखौटे हैं।  जो अपनी जड़ें काफी मजबूत किए बैठा है , उनके कई दलालें हैं जो उसे सरोताज़ किये बैठें हैं।  पलास्टिक , उससे बड़ा कोई देवता नहीं दीखता , काजू के पैकेट हो या चिप्स के पैकेट , या शालीमार के नारियल तेल के हो डिब्बे।  हमारे रोम रोम में बस चुकी है ये पलास्टिक , मेरे पोर्टफोलियो के फाइल से लेकर  न जाने कौन - कौन से चीजों में  बिल कर चुकी है धुन की तरह अंदर और बाहर ।  आज तो उसी के ही ताजमहल हैं , उसी के ऐफिल टावर ! तो फिर मैं क्या कहूं? आज तो वो भगवान के गले का हार भी बन बैठे हैं।  © साहेब राम टुडू  कोलकाता 01/04/2014 

हे भारत माँ! तुम कैसी माँ हो?

हे भारत  माँ  ! तुम कैसी माँ हो? अपने संतानों से भेदभाव ! एक स्तन से अमृत, तो दूसरे में से बिष क्यों पिलाती? एक को पंडित, तो दूसरे को अज्ञानी क्यों बनाती? एक को न्यायमुर्ति, तो दूसरे को अपराधी क्यों बनाती? एक को अमीर तो दूसरे को गरीब, एक को तृप्त तो दूसरे को भूखे रखती? एक को निर्वस्त्र, तो दूसरे को क्यों सुसज्जित करती? हे माँ ! तुम कैसी माँ हो! एक को ज्योति,  और एक को अंधकार क्यों देती? एक को आशीर्वाद,  तो दूसरे को अभिशाप क्यों देती? एक को हाथ, और दूसरे से अंगूठा भी छीन लेती. एक को राजा, तो दूसरे को रंक क्यों बनती? हे माँ ! तुम कैसी माँ हो ! एक के लिए उज्जवल भविष्य, तो दूसरे के लिए नरक की कामना? एक से स्नेह, तो दूसरे से बैर की भावना। तुम तो माँ हो, ऐसी भावना क्यों? हृदय के टुकड़े तो दोनों ही हैं? दोनों में तुम्हारा खून है, फिर एक से प्रेम और दूसरे से घृणा क्यों है? एक को स्वामी, तो दूसरे को दास क्यों? एक को राज सिंहासन, तो दूसरे को वनवास क्यों ? हे माँ तुम कैसी माँ हो? एक स्तन से अमृत, तो दूसरे में से बिष क्यों पिलाती? मा...

Ontor Ting Bhangod Akan

Ontor ting bhangod akan, Mare mandir leka. Ar nit ho koyok' hor et mea, Amem hijuk' leka. Dar khon nur akan baha, Ar bai jodaw ruadok' leka. Enhon koyog' hor et' mea, Amin galang me leka. Badai gean adi sanging em calao ena, Bang em hech ruadok' leka. Enho~ duara re tengo mena.n, Aming daram me leka. Hasurok' kan sing chandoi bagi an kan, Nutat re bagi ading leka. Enho~ diyada jered eda, Amak' thoda marsal nam leka. Jhadgao akan dare leka, Umul ing panja eda ad' akan leka. Tis bahak' dar perec' rokoc'-condon! Fagun bonga hijuk' leka.
कृष्ण! तुम होते तो शायद, इतने लोगों की मौत नहीं होती गोवर्धन अपने हाथों में उठा लेते अपने लोगों ली रक्षा करते। पर देखो आज के जन प्रतिनिधि को जो हेलीकॉप्टर में उड़ते हैं, साईकिल में दौरा लगते हैं, ऐरावत में चढ़े अपने लोगों को डूबते देखते हैं। और रात के अँधेरे में लालटेन लिए,  कोई गरीबों का हाल जानने  कोई गरीबों का मसीहा नहीं निकलता। सभी वाहट्सएप्प की मैसेज चेक करने में ब्यस्त हैं। अगर तुम होते तो शंखनाद करते आखिर हम गरीब अपने कुटिआ से निकल पहाड़ पर चढ़ जाते, तुम्हें पहाड़ उठाने  की जरुरत नहीं पड़ती। चरणकमल  में कीचड़ न लगे हरी घांस की कार्पेट पर पैर रख लोग नौका चढ़ते हैं, गरीबों का दुःख देखने वो सैर पे निकलते हैं। तुम होते तो हम एक टुकड़ा कपडा, और सर ढकने की छत, और एक बित्ता पेट के लिए चूड़ा और गुढ़ की प्रतिक्षा नहीं करते। तुम्हारे यहाँ हमें माखन और दही मिलती। कृष्ण  हमें यूँ ही मौत के गोद में नहीं सोना पड़ता। कृष्ण ! काश तुम होते।
क्रांति ! क्रांति ! की ही गूंज है चारों और , प्राणों के भीतर, अंतरात्मा  के अंदर , आओ भाइयों हम याद करें उन वीर शहीदों को ! धुप हो या हो गर्मी, बारिश हो या हो ओला , ठंडी हो या हो शीत, भूख हो या हो तृष्णा , दुश्मनों को खदड़ने पूर्वजों ने जंग किये थे ! जंगल हो या हो पहाड़, नदी हो या हो नाला , धरती हो या हो मिट्टी, जल हो या हो सागर , दुश्मनों को ख़त्म करने पूर्वजों ने उमंगें भरे थे ! जाति हो या हो धर्म, संस्कृति हो या हो सभ्यता , रीती हो या हो रिवाज, भाषा हो या हो समाज, संरक्षण और सँवारने को योद्धाओं ने जोश भरे थे! तीर हो या हो कमान,भाला हो या हो तलवार, टांगा हो या हो छुरी , लाठी हो या हो ढाल , बच्चे हो या हो महिला सभी ने युद्ध के मैदान में कूद पड़े थे ! सिंगा हो या हो तुरही, करताल हो या हो झांझ , मादल हो या हो नगाडा, रागड़ा हो या हो घंटी , दुश्मनों को नष्ट करने पूर्वजों ने खून की होली खेले थे !

আপুঞ আম দ মেনাম গেয়া

হাসা দ হাসা গে তাঁহে কানা , হয় দ হয় ! মেনখান মানে বদল এনা , যে হিলক আপুঞাক্ জাং বাহা আতু কেৎ বহই !! দাক্ দ দাক্ তাঁহে কানা , সেঙ্গেল দ সেঙ্গেল ! মেনখান মানে বদল এনা , যে হিলক ইঙ এমাদে মোচা রে সেঙ্গেল !! তরচ দ তরচ তাঁহে কানা , আঙরা দ আঙরা ! মেনখান মানে বদল এনা , নোওয়া ধুরি ধারতি রে মেসা এন তোরা !! অত দ অত গে তাঁহে কানা , ধারতি দ ধারতি ! সানাম রেয়াক মানে বদল এনা , যে হিলক আপুঞাক্ ইড়িচ এনা জীবন বাতি !! সেরমা দ সেরমা তাঁহে কানা , ইপিল দ ইপিল ! তিহিঙ দ গোটাই বিলীন এনা , গিতিল হং গিতিল, রিমিল হং রিমিল !! ধারতি আম দম বাহা গেয়া , সেরমা আম দম সাজাক্   গেয়া , আপুঃঙ  অকা রেঙ ঞামে , অকা রেদ অহাই  ইঙ পাঞ্জা কেয়া? সিং চাঁদ রূপ রে ডিগ -ডিগ ! নিন্দা চাঁদ কুনামী তেরদেচ্ !! আপুঞ আম দ মেনাম গেয়া , গোটা ধারতি রে পেরেচ্ !! বাহা রেয়াঃ সং রে মেনাম , হয় রেয়াঃজিওয়ী দাঁড়ে রে !! তলাস মেরে জিওয়ী রে মেনাম , আঢ়াঙ  তাম জীব-জিয়ালী রে !!  ____________________________ 

राम किंकर बैज (चितर बडोही )

राम किंकर बैज (चितर बडोही ) शिल्पी ओका ओका आमेम ताराम लेक , तिहिंग ओना धुढ़ी सानाम सोना आकान। ओका ओका आमाक उदगार दाक जोरो लें तिहिंग ओना हिरा मणि रे फेराओ आकान।    

बाहा पर्व : संताल इतिहास और कहानी:

बाहा पर्व : संताल इतिहास और कहानी: बाहा का अर्थ है "फूल"।  बसंत /फाल्गुन ऋतु को बाहा बोंगा के नाम से भी जानते हैं। सम्पूर्ण सृष्टि जब बसंत /फाल्गुन के आगमन से बृक्षों की शाखाओं में नव पल्लव और पुष्प सुशोभित हो उठते हैं और पहाड़ों  में शाल, शिमूल, महुआ और पलास के फूलों से दिक् दिगंतर भर जाते हैं।  संतालों के जीवन में नए उमंग और उल्लास सा संचार होने लगता है। भारतीय संताल ऋतु चक्र में माघ माह को प्रथम दर्जा प्राप्त है, इसीलिए माघ प्रथम को संताली नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है। माघ के बाद वसंत ऋतु प्रवेश करने लगती है।  फाल्गुन पूर्णिमा को बाहा कुनामी के नाम से मनाया जाता है। भारतीय भूमंडलीय परिप्रेक्ष्य में संताल जातियों के संस्कृति,जीवन-मूल्यों एवं वास-स्थलों  में अन्य जातियों के सांस्कृतिक समन्वय और सहस्तक्षेप के वजह से संताल अपने देवताओं के मर्यादा और रीति - रिवाजों की विशुद्धता को लक्ष्य रखते हुवे बाहा पर्व या तो पहले मानते हैं या तो उस दिन के बाद। बाहा पाप से मुक्ति और धर्म अनुशीलन का पर्व है। अशत ...

अंडे का फंडा

कितने पंजर झांझर हुए , कितने हवस की आग में चढ़ गए। मौत के हिसाब लिखते लिखते , इतिहास के पैन भर गए। दोहन होती ये धरती , और आदिवासी इनके निवाले बनते गए. कवरा गोह की तरह ये सरकार , गांव के गांव चाट गयी। ताकि अपने विकास के अंडे दे सके , और लोगों को झांसे में रखने के लिए सिर्फ आडम्बर के बिल, बिल पे बिल खोदते गए। रंग बहुत देखे हैं हमने, इन अंडो के , फुट के बहार आते हैं सिर्फ जमीं को बंजर बनाने के लिए। अपनी  जहरीली काली जीभ से , फसलों को क्षति करने  के लिए। यूरेनियम के कचड़े जल-जीवन-जमीन में अपनी जहर घोलने के लिए। पर विश्वास है इस गोह के कब्र जल्द ही खुदेंगे और इनके अंडे का फंडा का द इंड होगा।

Chand ko lage

Chand ko lage  pura hone me kai din, Main to bus rahta tha tare gin gin. Chand agar adha dikhe to bhi chand hi mere liye, Na agar rahe bhi to chand hi kahin mere liye. Kuch pag main chala tha uski chandni me, Kuch rat main bhiga tha uski barish me. Ab to bus amawash hi amawash hai. Jane jawun main kiski khwahish me. Jiya her sans uski kwahish me, Liya her ek dum uski khwahish me, Maut agar aye to aye, Uski ek numaish me. By Saheb Ram Tudu

A Spring Night

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