खामोश चाँद Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - February 27, 2011 दिल एक काली रात है चंदा उठता-गिरता साँस की नाव । आज ये नाव क्यों रुक गया ? पूछा तो तारे रो पड़े धागे से मोती टूट पड़े । बोले - इस पर सवार पथिक विलीन हो गया ... इसलिए अब ये नाव अपने जगह से हिलता नहीं... दिल एक काली रात है चाँद खामोश पड़ी एक नाव है ... Read more
ठहरो Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - February 27, 2011 तुम ठहरो , तुम ने माचिस भी नहीं पकड़ी होगी कभी। ये जो आग तुम लगा रहे हो , ये अंतिम विदा की आग है... Read more
दृष्टी Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - February 23, 2011 सारा जीवन अँधा रहा और जब दृष्टी आई मैं अपने ही दृष्टी से जल गया। Read more